Computer क्या है? - what is computer - Generations of Computer - By Dheeraj FactTechz

आज के इस आर्टिकल में हम Computer के बारे में पूरी Detail में बात करेंगे। मुझे पता है कि अधिकतर लोग कंप्यूटर के बारे में जानते हैं लेकिन Computer किस तरह कार्य करता है इसकी जानकारी कम से कम लोगों को है। आज इस आर्टिकल में आपको Computer क्या है और किस तरह कार्य करता है इसकी पूरी डिटेल में जानकारी मिलेगी।

आज के इस आर्टिकल में मै कंप्यूटर किसे कहते हैं, Computer कैसे कार्य करता है, कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है, और इसके अलावा और भी कई सारी जानकारियां फुल डिटेल में बताऊंगा। तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं।


कंप्यूटर क्या है? - What is Computer


Computer क्या है (What is Computer)


Simple Definition of Computer

कंप्यूटर एक Electronic Machin है जो हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों पर कार्य करती है। Computer दिए गए कार्य को Input Devices द्वारा Recieve (प्राप्त) करता है और उसे प्रोसेस करके Output Devices द्वारा Accurate Result देता है। यह मनुष्य द्वारा बनाई गई एक अद्भुत मशीन है जो हमारे कार्यों को और भी आसान बना देती है। Computer Latin भाषा के शब्द "Computare" से लिया गया है जिसका अर्थ होता है कैलकुलेशन करना या गणना करना।
Computer के मुख्य रूप से तीन कार्य होते हैं. पहला instructions को Input Devices द्वारा Recieve (प्राप्त) करना, दूसरा Receive (प्राप्त) किए गए Data को Process करना, और तीसरा Process किए गए Data को Perfect Manner में Arrange करके आउटपुट देना। मतलब कि Computer "IPO Cycle" के माध्यम से कार्य करता है। यहां पर IPO का फुल फॉर्म होता है Input Processing Output.


कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है? ( What is the full Form of Computer )

तकनीकी रूप से अगर देखा जाए तो कंप्यूटर का कोई Full Form नहीं होता है लेकिन फिर भी Computer का एक काल्पनिक Full Form है जो कि निम्नलिखित है :-
C - Commonly, O - Operated, M - Machine, P - Particularly, U - Used for, T - Technical and, E - Educational, R - Research


कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया? (Who invented computer)

Modern कंप्यूटर का जनक Charles Babbage को कहा जाता है। Charles Babbage ने पहले Mechanical Computer का आविष्कार किया था, जोकि आज के समय के मुताबिक काफी Complex था। हालांकि शुरुआत में उन्हें गणित काफी पसंद थी, ऐसे में गणित की बड़ी-बड़ी कैलकुलेशन को solve करने के लिए उन्होंने Computer Machine बनाई। इसके अलावा Babbage ने Philosophy और Code Breaking के क्षेत्र में भी काम किया है।


कंप्यूटर का इतिहास - Generation of Computer हिंदी में 

इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि कंप्यूटर का वाकई में कब से Development शुरू किया गया। लेकिन कंप्यूटर के नए-नए आविष्कार के मुताबिक कंप्यूटर को 5 Generation (पीढ़ियों) में बांटा गया है।

कंप्यूटर की अलग-अलग Size, Structure, और Performance को मध्य नजर रखते हुए ही कंप्यूटर को 5 पीढ़ियों में बांटा गया है। जैसे-जैसे Computers की Technology बढ़ती चली गई वैसे-वैसे Computer और Advace होने के साथ-साथ आकार में छोटे होते गए। आज हम Computer की पांचवी पीढ़ी के साथ जी रहे हैं जो कि बाकी सारी चार पीढ़ियों से काफी ज्यादा तेज और Advance है।


Generations of Computer (कंप्यूटर की पीढ़ियां)

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी (First Generation of Computer) - [1940 - 1956]

कंप्यूटर के सबसे पहले जनरेशन में Vacuum Tubes से कंप्यूटर को Operate किया जाता था। और Magnetic Drums को Storage के लिए इस्तेमाल किया जाता था। ये Computers Size में काफी ज्यादा बड़े हुआ करते थे इनकी Size लगभग एक रूम के बराबर होती थी।
Computer की इस Generation में Use and Throw Concept का इस्तेमाल किया जाता था मतलब की कोई भी Part खराब हो जाने पर उसे ठीक नहीं किया जा सकता था Direct नया लगाना पड़ता था।
इन कंप्यूटर्स के लिए Cooling Systems का इस्तेमाल किया जाता था क्योंकि यह काफी ज्यादा मात्रा में Heat पैदा करते थे। कई बार इन कंप्यूटर्स का Maintenance बहुत ज्यादा महंगा पड़ता था। इसीलिए इन कंप्यूटर्स को खरीदना आम आदमी के बस में नहीं था।


कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी ( Second Generation of Computer) - [1956 -1963]

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी में Vacuum Tubes को Replace करके यहां पर Transistors का इस्तेमाल किया गया। Transistor के इस्तेमाल करने से कंप्यूटर पहली पीढ़ी की तुलना में कम Heat Generate करने लगा। लेकिन कंप्यूटर के ज्यादा गर्म होने की समस्या Second Generation of Computer में भी थी।
Second Generation of Computer में High Level Languages जैसे कि COBOL और FORTRAIN का आविष्कार किया गया। इन दोनों भाषाओं से कंप्यूटर की आंतरिक संरचना को समझना और भी आसान हो गया।


कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी ( Third Generation of Computer) - [1964 - 1971]

Third generation के कंप्यूटर में Transistors के इस्तेमाल कम हो गए और Integrated Circuit का इस्तेमाल ज्यादा मात्रा में किया जाने लगा। फिर बाद में Integrated Circuits की जगह Large Integrated Circuits का भी इस्तेमाल किया जाने लगा जिसमें Transistors के छोटे-छोटे Parts को Silicon Plates में Embed किया गया, जिससे कंप्यूटर के काम करने की क्षमता बहुत ज्यादा बढ़ गई।
Third Generation of Computer में Integrated Circuit का आविष्कार हुआ और Computer Second Generation की तुलना में कम मात्रा में Heat Generate करने लगा। इस कंप्यूटर को आम आदमी भी खरीद सकता था। क्योंकि Third Generation of Computer में Monitor, Keyboard, और Operating Systems का इस्तेमाल किया जाने लगा और मार्केट में आम आदमी भी इसे आसानी से खरीद सकते थे। लेकिन फिर भी कुछ हद तक यह Computer महंगा तो था।


कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी (Fourth Generation of Computer) - [1971 - 1985]

Fourth Generation of Computer में Integrated Circuit और Large Integrated Circuits को Replace करके Very Large Integrated Circuits का इस्तेमाल किया जाने लगा और बाद में Computer की Processing को और बढ़ाने के लिए Ultra Large Scale Integrated Chips का भी इस्तेमाल किया जाने लगा।
Fourth Generation of Computer में Microprocessor का इस्तेमाल किया जाने लगा, जिसमें हजारों Micro Integrated Circuits को Silicon Plat में Embed किया गया। धीरे-धीरे Multiprocessor Technology भी कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी में इस्तेमाल की जाने लगी।
Multi Microprocessor की इस अद्भुत Technology में कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी को Advance बना दिया और यहां पर कंप्यूटर Multi-tasking, के साथ-साथ काफी ज्यादा Efficiency के साथ कार्य करने लगा। इस Technology की वजह से Fourth Generation of Computer में कंप्यूटर बहुत ही कम समय में बड़े-बड़े कैलकुलेशंस कर पा रहे थे।


कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी (Fifth Generation of Computer) - [1985 - Present]

आज हम कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी में जी रहे हैं। और दोस्तों जैसा कि आप सभी को पता है कि आज के कंप्यूटर बहुत ज्यादा Advance हो चुके हैं। Fifth Generation of Computer में Artificial Intelligence का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आजकल के Computers में Automation Technology भी प्रयोग में आ रही है। Fifth Generation of Computers में Automation, Speech Recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation, Wireless connection, आदि Advanced Features भी Computer में Install किए जा रहे हैं। कंप्यूटर का यह दौर इतना Advance हो चुका है अब Computers Automatic Work Perform भी करने लग गए हैं। धीरे-धीरे Technology और Advance होती चली जा रही है और अब कंप्यूटर्स को भविष्य में Robots के रूप में देखा जाएगा।


कंप्यूटर के इनपुट और आउटपुट डिवाइसेज (Input and Output Devices of Computer)

कंप्यूटर के इनपुट डिवाइसेज (Input Devices of Computer)

कंप्यूटर के Input Devices के बारे में जानने से पहले हम कंप्यूटर के Input Devices क्या होते हैं इसके बारे में जानते हैं। जैसा कि दोस्तों हम सभी को पता है कि कंप्यूटर एक Electronic Machine है जो किसी भी Row Data को Process करके Result प्रदान करता है। लेकिन कंप्यूटर Result तभी प्रदान करेगा जब Instructions Receive करने के लिए उसके पास कोई Component हो।
कंप्यूटर के वे सारे Elements और Devices जिनके माध्यम से Computer Processing और Result दिखाने के लिए User से Input लेता है उन्हें Input Devices कहा जाता है। 

Input Devices of Computer List :-

  • Keyboard
  • Mouse
  • Joy Stick
  • Light pen
  • Track Ball
  • Scanner
  • Graphic Tablet
  • Microphone
  • Magnetic Ink Card Reader (MICR)
  • Optical Character Reader (OCR)
  • Bar Code Reader
  • Optical Mark Reader (OMR) 
ऊपर दिए गए यह सारे Computer Input Devices मुख्य रूप से उपयोग में लाए जाते हैं।


कंप्यूटर के आउटपुट डिवाइसेज (Output Devices of Computer)

दोस्तों चलिए सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर में Output Devices होते क्या है। Output Devices Computer के वे Elements और Devices होते हैं जिनके माध्यम से Computer Process हुए Data के Result को User तक पहुंचाता है। Output Devices के माध्यम से User Computer के Result को आसानी से समझ पाता है। 

Output devices of Computer List:-

  • Monitor
  • Printer
  • Speaker
  • Plotter
  • Projector
अगर कंप्यूटर को और गहराई से अध्ययन करें तो इसके और भी कई सारे Output Devices हैं लेकिन ऊपर दिए गए यह सारे Output Devices मुख्य रूप से उपयोग में लाए जाते हैं।


Storage Devices of Computer (कंप्यूटर के स्टोरेज डिवाइसेज)

Storage Computer की वह लोकेशन होती है जिसका कंप्यूटर Data को Receive करने, उसे Process करने और उसका Result दिखाने में इस्तेमाल करता है। Computer अपने हर कार्य के लिए Storage Unit का इस्तेमाल करता है। आपको मार्केट में Storage के हिसाब से Computers अलग-अलग कीमत में मिलेंगे। अपने हर कार्य के लिए Computer को Storage की जरूरत पड़ती है इसीलिए Computer खरीदते वक्त आपको उसके Processor और Storage Capacity को देखना चाहिए।
कंप्यूटर में कम Storage होने पर लोग अधिकतर External Storage Devices का इस्तेमाल करते हैं।हालांकि आजकल के Computers में काफी ज्यादा Storage आती है लेकिन फिर भी ज्यादा Amount में Data को Store करने के लिए External Storage की आवश्यकता पड़ती है।

सभी Storage Devices को मुख्य रूप से दो Categories में विभाजित किया गया है:-

  1. Primary Storage Devices 
  2. Secondary Storage Devices


Storage/Memory Units of Computer

Computer Storage की अलग-अलग Units होती हैं। छोटी-छोटी Storage Units को मिलाकर बड़ी Storage Units का निर्माण होता है।
जैसे कि:-
  • Storage की सबसे छोटी यूनिट Bit (B) होती है जो One Set of Binary Digit को स्टोर करने का कार्य करती है। 
  • इसके बाद आती है Nibble जो 4 Bits को Store करती है।
  • Nibble के बाद Byte आती है जो 8 Bits को Store करती है।
  • Byte के बाद Megabyte (MB) आती है जो 1024 Bytes को Store करती है।
  • Megabyte के बाद आती है Gigabyte (GB) जो 1024 Megabytes को Store करती है।
  • Gigabytes के बाद Terabyte (TB) आती है जो 1024 Gigabytes को Store करती है।
  • Terabyte के बाद Petabyte (PB) आती है जो 1024 Terabytes को Store करती है।


कंप्यूटर के प्रकार - (Types of Computer)

जब भी हम कंप्यूटर शब्द को सुनते हैं तो हमारे दिमाग में CPU, Monitor, Keyboard, Mouse आदि जैसे चित्र घूमते हैं. लेकिन जरूरी नहीं है कि Computer Desktop, Mouse, Keyboard आदि से बनी हुई एक मशीन हो। बल्कि Computer उन सारी Electronic चीजों को कहा जाता है जो हमें Digital दुनिया से जोड़ती हैं। हम सभी हमारे जीवन में अलग अलग Computers का इस्तेमाल करते हैं जैसे कि ATM, Smartphones, TV, Tablet, PC, आदि।

Storage, Processing, Speed और Accuracy के हिसाब से Computer के अलग-अलग प्रकार होते है जो निम्नलिखित हैं:-
  1. Supercomputer
  2. Mainframe computer
  3. Mini computer
  4. Micro computer


कंप्यूटर के उपयोग (Applications of Computer)

दोस्तों अब हम जानते हैं कि कंप्यूटर का इस्तेमाल कहां कहां होता है? देखा जाए तो कंप्यूटर हमारे जीवन में कई जगह पर कार्य करता है। इनमें से कुछ मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:-

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग (Uses of Computer in Education) :-

कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा में बहुत ही बड़े पैमाने पर किया जाता है। आजकल बड़ी-बड़ी Universities और Schools लाखों Students के Data को एक साथ Computer में Manage करते हैं। किसी भी विद्यार्थी को किसी विषय के बारे में जानकारी चाहिए तो वह कुछ ही मिनटों में Computer के माध्यम से इंटरनेट से पूरी जानकारी निकाल सकता है। विद्यार्थियों के जीवन में Computers एक अहम भूमिका निभाते है। इसीलिए कंप्यूटर Education Fields में बहुत ज्यादा उपयोग में लाया जाता है।
Online Classes, Online Education Materials, Educational Websites आदि के जरिए आजकल Computer से पढ़ाई हो रही है। इसीलिए Computer Education का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

Use of Computer in Banking :- 

कंप्यूटर का इस्तेमाल आज की Technical दुनिया में Online Money Transactions के लिए भी किया जाता है। तकरीबन सारे बैंक Online Transactions के लिए Computer का इस्तेमाल करते हैं। लाखों-करोड़ों लोगों का Bank Balance Automated Computer Technology के माध्यम से Manage किया जाता है। आज हम घर बैठे-बैठे कंप्यूटर के माध्यम से किसी के Account में आसानी से Money Transfer कर सकते हैं।

Use of Computer in Online Earning:-

आजकल लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल घर बैठे-बैठे Online पैसा कमाने के लिए भी करते हैं। आप Blogging, YouTube, Article Publishing, Content Writing आदि के माध्यम से घर बैठे-बैठे Online Earning कर सकते हैं। आजकल की इंटरनेट दुनिया बहुत ज्यादा Advance हो चुकी है, यहां पर पैसा कमाने की बहुत ज्यादा Opportunities है।
लाखों लोग आज कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे Online Jobs कर रहे हैं और पैसा कमा रहे हैं। हालांकि हमारे समाज में ज्यादातर लोग Online Earning पर विश्वास नहीं करते हैं लेकिन समाज में जिन लोगों को अभी तक Online Earning पर विश्वास हुआ है वह आज अपनी पूरी जिंदगी को हमेशा-हमेशा के लिए बदल चुके हैं। और समाज में एक इज्जत की जिंदगी जी रहे हैं।

Use of Computer in Entertainment :-

कंप्यूटर का इस्तेमाल मनोरंजन के लिए भी किया जाता है। हमारे जीवन में कंप्यूटर मनोरंजन का एक स्त्रोत बन चुका है जहां से लाखों-करोड़ों लोग खुद को Entertain करते हैं। कंप्यूटर द्वारा मनोरंजन का सबसे अच्छा स्त्रोत आज YouTube बन चुका है। यहां से लोग Comedy Videos, Latest New Songs आदि को देखकर अपना मनोरंजन करते हैं।
इसके अलावा कंप्यूटर में Gaming, Programming, आदि भी की जाती है। जिसके माध्यम से लोगों का काफी ज्यादा Entertainment होता है।

Use of Computer in Government Offices :-

कंप्यूटर का इस्तेमाल आज Government Offices और बड़ी-बड़ी Government Organization में भी किया जाता है। पूरे देश के Management को High Super Computers द्वारा मैनेज किया जाता है। Super Computers इतने ज्यादा Powerful होते हैं कि यहां से किसी भी डाटा को Hack करके चुराना बहुत ही मुश्किल होता है। इसीलिए यहां से Data को चुराने की कोशिश कोई भी नहीं करता है। Government प्रतिदिन जो कोई भी नई नई योजनाएं बनाती है वह सारी Online Digital आपके लिए Available होती है जो कि इन Computer Technology की देन है ‌

Use of Computer in Whether Forecasting :-

कंप्यूटर का इस्तेमाल Weather Forecasting में भी किया जाता है। Weather Forecasting के लिए Super Computers का इस्तेमाल किया जाता है जो किसी भी आने वाली प्राकृतिक आपदा का संकेत पहले से देते हैं। इस तरह के Super Computers बहुत ज्यादा Advance होते हैं, जो आने वाली प्राकृतिक आपदा का Indication पहले ही दे देते हैं।
हालांकि इन कंप्यूटर में पहले से मनुष्य द्वारा कुछ Programs Set किए जाते हैं जिनके माध्यम से वे Weather Forecasting के मामले में Responses देते हैं।

Use of Computer in Hospitals :- 

कंप्यूटर की Advance Technology का इस्तेमाल आज Hospitals में भी किया जाता है। X-ray, Sonography, Surgery आदि कार्यों को करने के लिए आज Computer एक अहम भूमिका निभा रहा है। आजकल Blood Testing के लिए भी काफी सारे Advance Computer Program की Technology आ चुकी है।


Advantage and disadvantage of computer (कंप्यूटर के लाभ एवं हानियां)

कंप्यूटर की विशेषताएं

कंप्यूटर के लाभ (advantage of computer)

Time Saving :-

कंप्यूटर का इस्तेमाल किसी भी Information को कुछ ही मिनटों में सर्च करने के लिए किया जाता है जिससे लोगों को कम समय में ज्यादा से ज्यादा Information मिल सकती है। मतलब कि Computer हमारे जीवन में समय की बहुत ज्यादा बचत करते हैं। कंप्यूटर की मदद से हम कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा कार्यों को Complete कर सकते हैं। जो कि हमारे लिए सबसे बड़ा फायदा है। हमारा अपना कोई भी चाहे कितनी भी दूर हमसे रहता हूं लेकिन हम उससे तुरंत ही Message, Voice Calling, और Video Calling के माध्यम से बात कर सकते हैं।

Security :-

कंप्यूटर हमारे Data को Save करने के साथ-साथ उसे काफी हद तक Secure भी करता है। अगर हम अपने कंप्यूटर में AntiVirus Softwares का इस्तेमाल करते हैं तो हमारा Important Data और भी ज्यादा Secure हो जाता है। हमें Computer लाने के साथ-साथ उसमें कुछ AntiVirus Softwares को भी Install करवाना चाहिए जिससे हमारा किसी भी तरह का Data Internet पर या किसी भी Hacking के माध्यम से Leak ना हो।

Speed :- 

कंप्यूटर की कैलकुलेशन Speed आमतौर पर मनुष्य के दिमाग से भी ज्यादा है। एक साथ Millions और Trillions of Calculating Instructions को कंप्यूटर एक साथ Follow कर सकता है। भले ही कंप्यूटर का आविष्कार मनुष्य ने किया हो लेकिन कंप्यूटर के कार्य करने की क्षमता और उसकी Speed इतनी ज्यादा है जिसका कोई भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। कई सारे Super Computer Millions Instructions Per second की Speed से भी कार्य करते हैं।

Accuracy :-

कंप्यूटर बिना किसी गलती के कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा कार्य कर सकता है। अगर हमने कंप्यूटर में सही Program को Install किया है तो जाहिर सी बात है कि कंप्यूटर कम समय में ज्यादा से ज्यादा कार्य करने की क्षमता रखता है। लगातार कंप्यूटर की Technology बढ़ती चली जा रही है और ऐसे में उनकी Speed और कार्यक्षमता भी और बेहतर हो रही है।

Storage :-

कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर Information को Collect करने में होता है, जैसे कि कंपनी में Employers की Information और Salary, Schools & colleges में Students के Results और Biodata को Manage करना, Bank में हर व्यक्ति की Money Transaction की information को लगातार Update करके Store रखना आदि।

Data Management :-

आजकल की Advanced Technology में काफी सारे Computers Automated Mode में काम करते हैं। मतलब कि काफी सारे Data को Automatically Computer Manage करता है। जैसे कि किसी भी कंपनी में Employer के Entry होने से Exit होने तक के Data को Save रखकर उसके हिसाब से उसे Salary देना, बड़ी-बड़ी Universities में Large Amount of Data को अलग-अलग Sectors में Manage करना, Digital Biometric Computerized Attendance लगाना आदि।

Data Sharing :-

आप कंप्यूटर के माध्यम से Large Amount of Data को किसी दूसरे कंप्यूटर से शेयर कर सकते हैं। इसके साथ-साथ आजकल के Advance Computers में दो से ज्यादा Computer किसी भी एक Data पर Access कर सकते हैं। मतलब कि अगर आप किसी Data की Information को एक Computer में Change करोगे तो Automatically ही बाकी सारे Computers में वह Information Change हो जाएगी। कंप्यूटर की इस Process को Digital File Sharing or Online Data Automation कहते हैं।
आजकल Popular Search Engines जैसे कि Google भी Cloud Storage की सुविधा उपलब्ध करता है। अगर आपके कंप्यूटर में कम Storage Capacity है तो आप Google Drive Cloud Sharing के माध्यम से अपने Data को Online Save कर सकते हैं। Google आपको Free में 15 GB तक की Online Storage Provide करता है, इसके बाद अगर आप ज्यादा Online Cloud Storage चाहते हैं तो Purchase कर सकते हैं। यहां पर आपका Data बिल्कुल Secure रहेगा।


कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of Computers)

आप अपने जीवन में किसी भी चीज का इस्तेमाल कीजिए हर चीज के दो पहलू होते हैं। एक पहलू से हमें Advantage होता है और दूसरे पहलू से हमें Disadvantage होता है। ठीक इसी तरह Electronic Gadgets भी आपको फायदा देने के साथ-साथ अति इस्तेमाल करने पर नुकसान भी देते हैं।

Hacking :- 

भले ही कंप्यूटर हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हो लेकिन इससे कई सारे Cyber Crimes भी किए जाते हैं। मतलब कि कंप्यूटर के माध्यम से Large Amount of Secret Data को Hack करके चुरा लिया जाता है। यह इसका सबसे बड़ा Disadvantage है। लोग इसे गलत तरीकों से भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
यहां पर Hacking दो तरह की होती है, एक तो Normal Hacking जिससे किसी भी तरह का ज्यादा नुकसान नहीं होता है। दूसरी होती है Ethical Hacking जो कि बहुत ज्यादा Advance Level की होती है और इसका इस्तेमाल लोग Online Data को Hack करने के लिए करते हैं।
अगर आप किसी भी तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको AntiVirus Software का इस्तेमाल जरूर करना है ताकि कोई भी Virus आपके Data को Hack ना कर सके। Hacking से हमारे Important Data डाटा को बचाने का सिर्फ यही एक तरीका है।
वो कहते हैं ना "Precaution is Better than Cure".

Impact On Health :-

जैसे-जैसे Technology Advance होती चली जा रही है कंप्यूटर हमारे जीवन पर लगातार हावी हो रहे हैं। आजकल Mini Computer जैसे कि Smartphones, Tablets आदि का इस्तेमाल लोग बहुत ज्यादा कर रहे हैं और लगातार इस्तेमाल करने की वजह से उनके मानसिक और शारीरिक संतुलन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। लंबे समय तक Mobile को चलाने से शरीर की मांसपेशियों में दर्द होना और आंखों में जलन होना आदि जैसी कई सारी समस्याएं उत्पन्न हो रही है।
लगातार लंबे समय तक कंप्यूटर और किसी भी Electronic Gadget को चलाने से उनकी Ultra Magnetic Waves हमारे मस्तिष्क पर बुरा असर करती है जिससे भूलने की आदत, सिर में तेज दर्द, मानसिक बीमारी, और कई बार Brain Surgery जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
हालांकि Computers और Mobiles को चलाना गलत बात नहीं है लेकिन हर चीज का अति इस्तेमाल हमेशा हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। इसीलिए हमें हमारे जीवन में हर चीज को Limitation में इस्तेमाल करना है। ताकि वह हमारे शरीर पर हावी ना हो।
लेकिन आप लंबे समय तक Mobile, Computer, Tablet आदि जैसे Electronic Gadgets को चलाना चाहते हैं तो आपको हमेशा आंखों का ध्यान रखना है। इसके लिए आप Blue Light Filter Lenses का इस्तेमाल कर सकते हैं। Blue light filter Lenses आपके Mobile या Computer Screen से निकलने वाली Harmful Blue Light को Filter कर देते है और आपकी आंखों तक सिर्फ Normal Light आने देते है।

Impact on Education :-

शिक्षा के क्षेत्र में Computer का प्रभाव सकारात्मक होने के साथ-साथ कुछ हद तक नकारात्मक भी हो रहा है। काफी सारे विद्यार्थी कंप्यूटर में नकारात्मक चीजों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। अधिक समय तक Games खेलना, Social Media पर अश्लील हरकतें करना, आदि आदतें विद्यार्थियों पर हावी हो रही है। और आजकल तो दोस्तों PUBG Education पर बहुत ही बुरा असर छोड़ रहा है। कई सारे विद्यार्थी लगातार पूरे दिन PUBG जैसे खतरनाक Entertaining Games में बिजी रहते हैं। आजकल का Internet जमाना हमारे लिए जितना फायदेमंद है उससे कई ज्यादा नुकसानदायक भी है।
यह कंप्यूटर को इस्तेमाल करने वालों पर निर्भर होता है कि वह इसे सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल करें या नकारात्मक। 
आजकल के Advance Internet जमाने में Online Earning की भी काफी ज्यादा Apportunities है जैसे कि Online Content Writing, Blogging, YouTube आदि। लेकिन हमारे समाज में 80 से 90% लोगों में Online Earning के प्रति जागरूकता नहीं है इसी वजह से हमारा भारत देश लगातार Unemployment (बेरोजगारी) की समस्या से गुजर रहा है।

Virus Attacks :- 

आजकल लोग Hacking की दुनिया में इतने ज्यादा Advance हो चुके हैं कि वे अपने इस Telent को गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग अलग-अलग तरह के Viruses को बनाते हैं और Internet के अलग-अलग Protocols के जरिए या Applications के जरिए उन Viruses को अलग-अलग Devices में भेज देते हैं। फिर यह Virus कंप्यूटर में अवांछित कार्यों को अंजाम देते हैं जैसे कि कंप्यूटर की क्षमता को घटाना, कंप्यूटर में पड़े Important Data को खत्म करना या चुराना, और कंप्यूटर में अवांछित Applications को Install करना आदि। अगर आपके कंप्यूटर में कुछ भी अवांछित गतिविधियां हो रही है तो आप तुरंत ही अपने Anti-virus Data को और ज्यादा Advance करें या आप किसी भी Advanced AntiVirus Software को Install करें।
अगर आपके कंप्यूटर में Malicious Virus है तो कंप्यूटर में किसी भी Feature, Option, या Application का अचानक Open हो जाना, ज्यादा Power Consumption करना, ज्यादा Internet Data का इस्तेमाल करना, आदि गतिविधियां होना शुरू हो जाएंगी। 
यह कंप्यूटर और Laptop जैसे बड़े Devices में ही नहीं बल्कि आपके Minicomputer यानी Mobile में भी आ सकते हैं इसीलिए आपको हमेशा ऐसे Smartphones को खरीदना चाहिए, जिनमें System Anti-virus Application Available हो। ताकि आप वहां से Scan करके पता लगा सकते हैं कि कौन सा Virus आपके Device में कार्य कर रहा है और आप उसे हटा भी सकते हैं।


Limitations of Computer (कंप्यूटर की कार्य क्षमताएं)

भले ही कंप्यूटर कितनी ही तेजी से कार्य करें लेकिन इसकी कुछ क्षमताएं भी होती है। अब आप सोच रहे होंगे कि इतना Advanve Computer होने के बावजूद भी क्या Limitations हो सकती है, तो चलिए जानते हैं कंप्यूटर की कुछ Limitations के बारे में जिन्हें जानना हर Computer User के लिए आवश्यक है.

No IQ Level :- 

कंप्यूटर में किसी भी तरह का IQ Level नहीं होता है। मतलब कि Computer खुद से सोच कर कोई भी कार्य नहीं कर सकता है। अगर हम उसको कार्य देंगे तभी वह कार्य करेगा। और तो और बिना किसी Program Installation के कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता है। कंप्यूटर में जिस तरह का Program Install किया जाएगा वह उसी तरह का कार्य करेगा। कंप्यूटर को सही गलत को परखने की समझ नहीं होती है।

No Decision Making Power :- 

कंप्यूटर अपना Decision खुद नहीं ले सकता है। अगर उसको कोई भी Permission या Decision लेना है तो सबसे पहले वह आपको Notification देगा। अगर आप उस नोटिफिकेशन में Allow करते हैं तभी वह आगे कार्य करेगा नहीं तो कंप्यूटर वहीं पर रुक जाएगा। और यह कभी नहीं हो सकता है कि कंप्यूटर खुद का Decision ले। भले ही कंप्यूटर आने वाले भविष्य में कितना भी Advance हो जाए लेकिन उसमें खुद की कोई क्षमताएं नहीं रहेगी। आप जिस तरह का Program उसमें Install करोगे उसी तरह का Decision कंप्यूटर ले पाएगा।

Depending on power :-

अब दोस्तों जैसा कि हम सभी को पता है कि कोई भी Electronic Machine बिना किसी Power के नहीं चलती है। आप अगर किसी Machine को Electric Power देंगे तभी वह कार्य करना शुरू करेगी। कंप्यूटर भी एक Electronic Machine है अगर आप उसे Power देंगे तभी वह On होगा, नहीं तो वह किसी भी तरह का कार्य नहीं करेगा। बिना Electricity के कंप्यूटर सिर्फ एक खोकला Box रह जाएगा।
मतलब कि कंप्यूटर की सारी Dependency Power के ऊपर ही है. आप चाहे कंप्यूटर को कितना भी Advance बना लीजिए लेकिन जब तक Power नहीं होगी तब तक आपकी Advance Technology किसी भी काम की नहीं रहेगी।

Depending on Storage :-

अब दोस्तों चाहे कंप्यूटर हो या हम किसी को भी कार्य को करने के लिए Storage की जरूरत होती है। अगर हम कुछ कार्य कर रहे हैं तो हमारे मस्तिष्क में जो Storage हैं उसी के दम पर कार्य कर रहे हैं। हमारी Storage Computer के मुताबिक कई ज्यादा गुना है। इंसान की मस्तिष्क Storage Unlimited है।
अगर आप कंप्यूटर में Storage Unit को हटा देंगे तो कंप्यूटर कोई भी कार्य या Process नहीं कर पाएगा। बिना किसी Storage के कंप्यूटर Power Supply करने पर भी Start नहीं होगा। कंप्यूटर पूरी तरह Start होने से पहले Booting Process करता है जोकि Directly Storage से Connect होती है। इसीलिए कंप्यूटर को चलाने के लिए Storage की आवश्यकता होती है।

No Learning Power :-

कंप्यूटर में किसी भी तरह की Learning Power नहीं होती है। कंप्यूटर सिर्फ Install किए गए Program के ऊपर निर्भर होता है। किसी भी कार्य को Computer सीखता नहीं है। आप जिस तरह का कार्य उसे देंगे बस उस कार्य को कंप्यूटर Complete कर देगा लेकिन अगली बार वह उस कार्य को याद नहीं रखेगा। हालांकि हमारे Developers लगातार Computer में इस Technology को Install करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन फिर भी कंप्यूटर खुद पढ़कर कुछ याद नहीं कर सकता है। क्योंकि कंप्यूटर एक मशीन है और मशीन की में कभी भी याद करने की या सोचने की क्षमता नहीं होती है।


Conclusion

आज आपने इस आर्टिकल से क्या सीखा ?
मैंने कंप्यूटर की पूर्ण परिभाषा को आपके सामने प्रस्तुत किया है मुझे उम्मीद है कि आपको Computer की परिभाषा पूरी तरह समझ में आ गई होगी। 

तो चलिए दोस्तों आज हमने क्या सीखा इसके बारे में एक Short Analytic कर लेते हैं :-
  1. कंप्यूटर क्या है ( what is computer) - Simple Definition of Computer
  2. कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है (What is the Full Form of Computer)
  3. कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?
  4. Input Devices of Computer
  5. Output Devices of Computer
  6. Storage Devices of Computer
  7. Storage / Memory Units of Computer
  8. कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computer)
  9. कंप्यूटर के उपयोग (Applications of Computer)
  10. कंप्यूटर के लाभ एवं हानियां (Advantages and Disadvantages of Computer)
  11. कंप्यूटर की कार्य क्षमता (Limitations of the Computer)
  12. कंप्यूटर का इतिहास ( Generations of Computer)
  • First Generation of Computer "Vacuum Tubes" - (1940 - 1956)
  • Second Generation of Computer "Transistors" - (1956 - 1963)
  • Third Generation of Computer "Integrated Circuits" - (1964 - 1971)
  • Fourth Generation of Computer "Microprocessor" - (1971 - 1985)
  • Fifth Generation of Computer "Artificial Intelligence" - (1985 - Present)

दोस्तो मुझे उम्मीद है कि मेरे द्वारा बताई गई सारी Information आपको समझ में आ गई होगी और आपको मेरा यह आर्टिकल पसंद भी आया होगा। दोस्तों अगर आप मेरे इस Blog पर नए हैं तो इसे E-mail द्वारा Subscribe करें क्योंकि आपके एक Subscribe से हमें एक नया Post Publish करने के लिए Motivation मिलता है। 

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आर्टिकल को पढ़ने के लिए दोस्तों धन्यवाद!
जय हिंद जय भारत!

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