बीमा क्या होता है और बीमा कितने प्रकार का होता है | What is Insurance | Types of Insurence - By Dheeraj FactTechz

बीमा क्या होता है और बीमा कितने प्रकार का होता है | What is Insurance | Types of Insurence - By Dheeraj FactTechz


क्या दोस्तों आपको पता है कि वाकई में बीमा (insurance) क्या होता है? कई सारे लोगों को वाकई में नहीं पता होता कि बीमा (insurance) होता क्या है और यह हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है। आज हमारे भारतवर्ष में कई सारी insurance Companies है जो बीमा सुविधा उपलब्ध करवाती है। 

नमस्कार दोस्तों मैं हूं धीरज, और आपका स्वागत है "Dheeraj FactTechz" के इस नए आर्टिकल में। आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बीमा (insurance) क्या होता है, और बीमा (insurance) से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां बताऊंगा। तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं।

बीमा क्या होता है और बीमा कितने प्रकार का होता है | What is Insurance | Types of Insurence - By Dheeraj FactTechz

बीमा क्या होता है ( What is insurance )

बीमा (insurance) भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई करने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। मतलब के दोस्तों बीमा (insurance) भविष्य में किसी आशंका या घटना से निपटने के लिए एक सर्वश्रेष्ठ हथियार होता है। आप, मैं, या कोई और भी नहीं बता सकता है कि आने वाले कल में क्या होने वाला है, लेकिन ऐसे में अगर मान लीजिए हमारे भविष्य में कुछ ऐसा होने वाला है जिससे हमारी आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी तो ऐसे में कई सारी बीमा कंपनी होती है जो आपको भविष्य में इस तरह के आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए बीमा पॉलिसी (Insurance Policies) के तहत आपका भविष्य सुरक्षित करती है।


Insurance का मतलब होता है कि किसी भी जोखिम से हमारी सुरक्षा। अगर कोई बीमा कंपनी (insurance company) व्यक्ति का बीमा करती है तो उसके भविष्य में होने वाले सारे आर्थिक नुकसान की भरपाई उसी बीमा कंपनी द्वारा की जाती है।

इसी तरह अगर बीमा कंपनी किसी व्यक्ति को दुपहिया, तिपहिया, चारपहिया, स्मार्टफोन, टीवी, घर आदि का बीमा (insurance) प्रदान करती है तो उस चीज के टूटने फूटने या खोने की स्थिति में भविष्य में वह कंपनी शर्तों के मुताबिक उस व्यक्ति के आर्थिक नुकसान की भरपाई करती है। मतलब कि उस व्यक्ति को शर्तों के मुताबिक मुआवजा मिलता है।

मैं आशा करता हूं कि आपके जीवन में ऐसी कोई घटना ना घटे, लेकिन दुनिया भर में ऐसे कई सारे लोग हैं। जिन्होंने बीमा के माध्यम से अपने आर्थिक स्थिति को सुधारा है। 

बीमा (insurance) वास्तव में बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध है। इस कॉन्ट्रैक्ट (contract) के तहत बीमा कंपनी बीमित व्यक्ति से एक निश्चित धनराशि लेती है जिसे प्रीमियम (premium) कहा जाता है। बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच की गई शर्तों के मुताबिक भविष्य में अगर किसी भी बीमित व्यक्ति को कोई आर्थिक नुकसान होता है तो उसकी भरपाई बीमा कंपनी द्वारा की जाती है, ताकि वह व्यक्ति अपने आने वाले भविष्य को आर्थिक नुकसान से बचा सके। 


बीमा कितने तरह का होता है ( what are the different types of insurance )

आमतौर पर दोस्तों बीमा (insurance) दो प्रकार के होते हैं।

  1. जीवन बीमा ( Life insurance )
  2. साधारण बीमा ( General insurance )


जीवन बीमा ( Life insurance ) :- 

जीवन बीमा ( Life insurance) बीमित व्यक्ति के जीवन का मूलभूत बीमा होता है। मतलब कि दोस्तों जीवन बीमा बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रित (Registered Family Member) को बीमा कंपनी की तरफ से मुआवजा मिलता है। 


अगर परिवार के मुखिया की असमय मृत्यु हो जाती है तो जाहिर सी बात है कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति (economic condition) बहुत ज्यादा खराब हो जाती है। परिवार के मुख्य व्यक्ति की पत्नी, बच्चे, माता-पिता, आदि को भविष्य में होने वाले आर्थिक संकट से बचाने के लिए जीवन बीमा पॉलिसी (Life Insurance policy) करना जरूरी होता है। अलग-अलग जीवन बीमा कंपनी लोगों को अखबार, टीवी, पोस्टर्स आदि के माध्यम से जीवन बीमा की तरफ जागरूक करने के लिए कार्य करती है।

साधारण बीमा ( General insurance ) :-

साधारण बीमा में वाहन बीमा, घर बीमा, पशु बीमा, स्वास्थ्य बीमा, आदि सभी शामिल होते हैं। तो चलिए दोस्तों साधारण बीमा ( General insurance) के अंतर्गत आने वाले कुछ प्रमुख बीमा के बारे में जानते हैं।

घर का बीमा (Home insurance) : 

अगर आप अपने घर का बीमा (Home Insurance) किसी साधारण बीमा कंपनी से कराते हैं तो यह आपके घर के सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) खरीदने के बाद आपके घर को किसी भी तरह का नुकसान होता है तो उसका हर्जाना शर्तों के मुताबिक बीमा कंपनी देती है। 

आपके घर को किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे कि भूकंप, बाढ़, तूफान, आग, बिजली आदि द्वारा अगर कोई नुकसान पहुंचता है तो बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) के तहत बीमा कंपनी इस तरह की आपदा में आपको आर्थिक सहायता देती है। इसके अलावा घर में चोरी होना, लड़ाई झगड़े, आदि की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई भी शर्तों के मुताबिक बीमा कंपनी (Insurance Company) ही करती है।

वाहन बीमा (Vehicle insurance): 

पूरे भारतवर्ष में सड़क पर चलने वाले किसी भी वाहन का बीमा (Insurance) कराना कानूनी तौर पर जरूरी है। वाहन बीमा (Vehicle insurance) के अंतर्गत Car Insurance, Bike Insurance, आदि शामिल है। अगर आप अपने वाहन का बीमा (Insurance) कराएं बिना सड़क पर चलाते हैं तो ऐसे में ट्राफिक पुलिस आपके वाहन (vehicle) पर जुर्माना कर सकती है। मोटर या वाहन बीमा (motor/vehical insurance) के तहत बीमा कंपनी किसी भी दुर्घटना की वजह से वाहन में हुए नुकसान की भरपाई करती है। अगर आपका वाहन चोरी हो गया या उससे कोई नुकसान हो गया तो बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) के तहत उसकी भरपाई शर्तों के मुताबिक बीमा कंपनी ही करती है।


वाहन बीमा पॉलिसी (Vehicles insurance Policy)  का सबसे बड़ा फायदा आपको तब होता है जब आपके वाहन से किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगी हो या किसी की मौत हो गई हो। इस तरह के नुकसान को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) के तहत बीमा कंपनी द्वारा कवर किया जाता है। अगर आपके पास भी दुपहिया (two wheeler), तिपहिया (three wheeler), या चार पहिया वाहन (four wheeler) है तो उसका बीमा (Insurance)  जरूर करना चाहिए ताकि भविष्य में अगर आप से कोई बड़ा नुकसान होता है तो आपको आर्थिक नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा।

स्वास्थ्य बीमा (Health insurance) : 

आजकल इलाज का खर्च बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। बीमार हो जाने पर हॉस्पिटल का बिल इतनी तेजी से घूमता है कि कई सारे परिवार खर्चा नहीं उठा पाते हैं। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी (Helth insurance policy) के तहत कोई भी साधारण बीमा कंपनी पीड़ित व्यक्ति के इलाज का खर्च कवर करती है। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी (health insurance policy) के तहत इंश्योरेंस कंपनी किसी भी तरह की बीमारी हो जाने पर खर्च होने वाली रकम और इसके साथ-साथ आश्वासन भी देती है। किसी बीमारी पर होने वाले खर्च की सीमा आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी (health insurance policy) पर निर्भर करती है। 

यात्रा बीमा (travel insurance): 

यात्रा बीमा (Travel insurance) किसी भी यात्रा के दौरान होने वाले आर्थिक या शारीरिक नुकसान की भरपाई करती है। अगर कोई व्यक्ति किसी काम से या घूमने के लिए विदेश जाता है और वहां उसका सामान चोरी हो जाता है या उसे किसी तरह की हानि होती है तो इंश्योरेंस पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक बीमा कंपनी उसे मुआवजा देती है। यात्रा बीमा पॉलिसी (travel insurance policy) आपकी यात्रा शुरू होने से खत्म होने तक ही वैध होती है। यात्रा बीमा पॉलिसी के लिए अलग-अलग बीमा कंपनी की अपनी अलग अलग शर्तें हो सकती है। 

फसल बीमा (crop Insurance): 

जैसा कि दोस्तों हम सभी को पता है कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है और यहां पर फसल बीमा (crop Insurance) ना लेना कानून के खिलाफ होता है। मौजूदा कानूनी नियमों के हिसाब से कृषि लोन लेने वाले हर किसान को बीमा खरीदना आवश्यक है। फसल बीमा पॉलिसी (crop Insurance policy) के तहत फसल को किसी भी तरह का नुकसान होने पर बीमा कंपनी शर्तों के मुताबिक मुआवजा देती है। फसल बीमा पॉलिसी (crop insurance policy) के तहत आग लगने, बाढ़, ओलावृष्टि, आदि तरह की प्राकृतिक आपदा से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी द्वारा की जाती है। 


फसल बीमा पॉलिसी (crop Insurance policy) की शर्ते बहुत कड़ी होने और लागत के हिसाब से मुआवजा नहीं मिलने की वजह से अभी किसानों में फसल बीमा पॉलिसी की जागरूकता नहीं रही है। वास्तव में फसल खराब होने पर मुआवजा देने वाली बीमा कंपनियां उस खेत के आसपास मौजूद सभी खेतों का सर्वे करती है। और मुआवजा तभी दिया जाता है जब अधिकतर किसानों को फसलों का नुकसान हुआ हो। 

कारोबार उत्तरदायित्व बीमा (business liability insurance): 

कारोबा उत्तरदायित्व बीमा किसी भी कामकाज या उत्पाद से ग्राहक को होने वाले नुकसान की भरपाई करता है। उत्तरदायित्व बीमा (liability insurance) की शर्तों के मुताबिक इस तरह की किसी भी स्थिति में कंपनी पर लगने वाला जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का पूरा खर्च उत्तरदायित्व बीमा (liability insurance) करने वाली बीमा कंपनी (Insurance Company) को उठाना पड़ता है।

Conclusion
इसी तरह दुनिया में कई सारे बीमा होते हैं जो अलग-अलग परिस्थितियों में आर्थिक सहायता देते हैं। लेकिन ऊपर बताए गए सारे बीमा (insurance) मुख्य रूप से लोगों द्वारा प्रयोग में लाए जाते हैं। ज्यादातर बीमा कंपनियां (insurance companies) इन मुख्य बीमा पर ज्यादा ध्यान देती है। दोस्तो यह थी अलग-अलग प्रकार की बीमा की जानकारी। 

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जय हिंद जय भारत!

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